बन्दर और लकड़ी का खूंटा - मित्रभेद - पंचतंत्र
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एक समय शहर से कुछ ही दूरी पर एक मंदिर का निर्माण किया जा रहा था। मंदिर में लकडी का काम बहुत था इसलिए लकडी चीरने वाले बहुत से मज़दूर काम पर लगे हुए थे। यहां-वहां लकडी के लठ्टे पडे हुए थे और लठ्टे व शहतीर चीरने का काम चल रहा था……
{मित्रभेद~ पंचतंत्र} पं. विष्णु शर्मा