POOS KI RAAT {MUNSHI PREMCHAND}
- Kitabeormai Publications
- May 4, 2021
- 1 min read

हल्कू ने आकर कहा सहना आया है। लाओ, जो रुपये रखे हैं, उसे दे दूँ, किसी तरह गला तो छूटे। मुन्नी झाड़ू लगा रही थी। पीछे फिरकर बोली 3 ही रुपये हैं, दे दोगे तो कम्मल कहाँ से आवेगा?…….
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