सिंह और सियार - मित्रभेद - पंचतंत्र
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वर्षों पहले हिमालय की किसी कन्दरा में एक बलिष्ठ शेर रहा करता था। एक दिन वह एक भैंसे का शिकार और भक्षण कर अपनी गुफा को लौट रहा था। तभी रास्ते में उसे एक मरियल-सा सियार मिला जिसने उसे लेटकर दण्डवत् प्रणाम किया……
{मित्रभेद~ पंचतंत्र} पं. विष्णु शर्मा