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प्रिय साहित्य प्रेमियों,
"मंजुला 2024" की शानदार सफलता के बाद, हम "मंजुला 2025" के लिए रचनाएँ आमंत्रित कर रहे हैं! यदि आपके शब्दों में भावनाएँ, नए दृष्टिकोण और साहित्य के प्रति प्रेम है, तो यह मंच आपके लिए है।
"मंजुला" केवल एक संकलन नहीं, बल्कि नवोदित लेखकों को मंच प्रदान करने का एक आंदोलन है। हम आपको अपनी कहानियाँ और कविताएँ भेजने के लिए आमंत्रित करते हैं! चयनित रचनाएँ हमारी प्रतिष्ठित वार्षिक संकलन पुस्तक में प्रकाशित की जाएँगी।
मंजुला 2024 – चुने गए लेखक व उनकी कृतियाँ
लेखक का नाम | शीर्षक | श्रेणी |
धीरज शर्मा | एक आसरा | कविता |
आशु सिंह | मंज़िल से भटकता मैं | कविता |
अमित कुमार कुशवाहा | अरण्य रोदन: आपातकाल की विकल वेदना | कविता |
मृत्यु ध्वनि: भोपाल की कालरात्रि | कविता | |
हिमांशी सावलानी ‘प्रीत’ | बुखार की शुरुआत | कविता |
किस्मत की कहानी | कहानी | |
डॉ. अमृता कुशवाह ‘अनुकृता’ | दस्तरस | कविता |
चैताली थानवी | मन का डर | कविता |
टूटे हुए दिल | कहानी | |
विशाल | मन | कविता |
पंछी | कविता | |
आर्यन शर्मा | ज्योतिष मिथक और रोमांस | कहानी |
नवीन कुमार भट्ट ‘नीर’ | पिता | कविता |
आँसू पश्चाताप | कविता | |
शिवानी ‘आरज़ू’ | इश्क़ का रंग | कविता |
चंचल शर्मा | तुम्हारा शुक्रिया कैसे करूँ जो दुनिया में मुझे लाए हो तुम | कविता |
वो बचपन लौट आए मेरा | कविता | |
डॉ. शशांक शर्मा ‘रईस’ | तड़पते मयखाने | कविता |
चाँदनी गढ़ती नव श्रृंगार की कहानी | कविता | |
चंदा झा | मैं मिथिला की बेटी हूँ | कविता |
जीवन जीना सीखो | कविता | |
चारु वर्मा ‘चंदा’ | जिंदगी क्या है? | कविता |
तनीषा मंगल | कान्हा की बांसुरी | कविता |
गुरु का ज्ञान | कविता | |
किरण जांगिड़ ‘किशोरी’ | बंद दरवाजों के पीछे | कविता |
कौन है तू? | कविता | |
धरा डागा | खुली खिड़कियाँ | कविता |
युवराज सिंह | मन की खिड़कियाँ | कविता |
खुशी जांगिड़ | जहाँ सोच वहाँ सृजन | कविता |
मुस्कान सोनी ‘मोहिनी’ | स्त्री समाज से पूछती है | कविता |
तनिष्का पारीक | मिलूँगी तो कहूँगी ज़रूर | कविता |
बबली शर्मा | औरत | कविता |
शिखा सहल | मैं खुद खुद का दर्पण हूँ | कविता |
यशस्वी भारत | अंधविश्वास का सामना: सच्चाई की ओर एक कदम | कहानी |
जाने दो | कविता | |
कविता कुमावत | तुम्हारी जिंदगी तुम्हें ही संभालनी होगी | कविता |
कामयाबी | कविता | |
चाहत अग्रवाल | बेटी हुई है | कविता |
दिव्या कुमावत | आज फिर कोटा | कविता |
खोज अस्तित्व की | कविता | |
सुमन कुमावत | फिर कुछ याद आ जाता है और... | कविता |
अपना प्रेम | कविता |
हम इन सभी प्रतिभाशाली लेखकों को हार्दिक बधाई देते हैं जिन्होंने अपनी रचनाओं से हमें गौरवान्वित किया! 🎉📖
मंजुला 2025 के लिए आमंत्रण
यदि आप अपनी कहानी या कविता को "मंजुला 2025" में प्रकाशित देखना चाहते हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा अवसर है! हम आपकी रचनाएँ आमंत्रित कर रहे हैं।
📖 भाग लेने के लाभ:
✔ आपकी रचना "मंजुला 2025" में प्रकाशित होगी।
✔ सर्वश्रेष्ठ रचना को पुस्तक का शीर्षक बनाया जाएगा।
✔ चयनित लेखकों को सम्मान पत्र दिया जाएगा।
✔ लेखक प्रकाशित पुस्तक को लागत मूल्य पर खरीद सकेंगे।
✔ आपकी रचना का विभिन्न मंचों पर प्रचार किया जाएगा।
📌 प्रस्तुत करने के नियम:
भाषा: हिंदी / अंग्रेज़ी
श्रेणी: कविता / कहानी
कविता की लंबाई: अधिकतम 50 पंक्तियाँ
कहानी की लंबाई: अधिकतम 2000 शब्द
प्रवेश शुल्क: कोई शुल्क नहीं
📅 रचना भेजने की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2025
📩 कैसे भेजें?
1️⃣ अपनी कहानी/कविता टाइप करें और Word डॉक्युमेंट या PDF के रूप में सेव करें।
2️⃣ अपनी रचना के साथ अपना नाम, आयु, संपर्क विवरण और एक संक्षिप्त जीवनी भी भेजें।
3️⃣ अपनी रचना kitaabeormai@gmail.com पर ईमेल करें या WhatsApp +91-7891133179 पर भेजें।
4️⃣ ईमेल का विषय इस प्रकार रखें:
"[आपका नाम] - हिंदी कहानी / English Story"
"[आपका नाम] - हिंदी कविता / English Poem"
📍 अपनी जानकारी यहाँ सबमिट करें: यहाँ क्लिक करें
हमारा उद्देश्य
"मंजुला" का लक्ष्य नए और उभरते हुए रचनाकारों को मंच प्रदान करना है। यदि आपके पास एक कहानी या कविता है, जो दुनिया को सुनाई जानी चाहिए, तो यह आपके लिए सबसे अच्छा मौका है!
✨📖 तो देर किस बात की? अपनी रचना भेजें और "मंजुला 2025" का हिस्सा बनें! 📖✨
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🌐 वेबसाइट: www.kitabeormai.in
📩 ईमेल: kitaabeormai@gmail.com
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